सुभा सेर पर निकलते हुए,शुक्रिया हम केहना चाहे,
रात को नींद ने साथ दिया इसलिए नए दिन का स्वागत हम ख़ुशी से कर पाये.
हवा में थोड़ी ठंडक थी,सर्दी का मौसम जो आया.
एक गरम चाय के प्याली ने उसका माज़ा और बढ़ाया.
रास्ते पे चल रहे थे,जब हवा का झोका प्यार से चुने आया.
मेरे बालो के साथ खेलके मेरा माजक उसने उदय.
आसमान राह देख रहा था ,कब सूरज अपनी किरणे फैलाये.
पांची भी उठ गयेथे इस अद्भुत नज़ारे को देखने.
रास्तेमे और भी सेराई थे अपने गरम कपडे पेहने,
सारदी के मौसम में निकल पड़े थे अपनी सेहत बनाये रखने.
हर मौसम का एक अलग नशा है,अगर आप उसे करना चाहो ,
हर दिन का एक अलग रंग है ,अगर आप उसमे घुलना चाहो.
हर किसी के बास्की बात नहीं ,जो ये मजे लूट सके,
वो खुशनसीब इंसान है जो ये सब कर सके.
लीना पटेल
रात को नींद ने साथ दिया इसलिए नए दिन का स्वागत हम ख़ुशी से कर पाये.
हवा में थोड़ी ठंडक थी,सर्दी का मौसम जो आया.
एक गरम चाय के प्याली ने उसका माज़ा और बढ़ाया.
रास्ते पे चल रहे थे,जब हवा का झोका प्यार से चुने आया.
मेरे बालो के साथ खेलके मेरा माजक उसने उदय.
आसमान राह देख रहा था ,कब सूरज अपनी किरणे फैलाये.
पांची भी उठ गयेथे इस अद्भुत नज़ारे को देखने.
रास्तेमे और भी सेराई थे अपने गरम कपडे पेहने,
सारदी के मौसम में निकल पड़े थे अपनी सेहत बनाये रखने.
हर मौसम का एक अलग नशा है,अगर आप उसे करना चाहो ,
हर दिन का एक अलग रंग है ,अगर आप उसमे घुलना चाहो.
हर किसी के बास्की बात नहीं ,जो ये मजे लूट सके,
वो खुशनसीब इंसान है जो ये सब कर सके.
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