आये हो यहाँ तक,तो शुक्रिया हम केहेना चाहे,
आये ही हो तो कुछ मेरा लिखा पद के जाये,
दिल से लिखा है,
पसंद आये तो दो तारीफ के शब्द लिख दिजीये,
नहीं तो कुछ अपने सुझाव लिख दिजीये

Sunday, May 18, 2014

बादल



                                   

      आसमान में फैलाये है किसीने सूत के गुबारे ,
      थोड़े है मोटे,थोड़े है पतले मगर सब लगते है प्यारे.
      लोग उन्हें बादल कहते है,और लगते है मुझे भी वो प्यारे.
      आसमान की शोभा बधाते है ये सूत के गुबारे.
      बादल के अलग रूप होते है और अलग उनके नाम,
      स्ट्रटुस कुमुलुस धरती के पास होते हैं.
            बीचमे  आल्टोस्ट्राटुस अल्टोक्यूमुलुस रहते है
      और ऊपर सिरस रहता है.
      कुमुलोनिम्बुस सबसे मोटा और ऊँचा होता है,
      आसमान में सर उठा के खड़ा रहता है.
      यू तो वो शांत होते है,
      मगर बारिश के मौसम में अपना रंग दिखाते है,
      गरजते हैं बरसते हैं धरती को नहलाते हैं.
      कैसे भी हो,वो आसमान की शोभा बधाते  हैं.